Sita mata ki aarti - सीता माता की आरती
प्रकाशित November 26, 2025
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सीता माता की आरती
आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की।

जगत जननी जग की विस्तारिणी,
नित्य सत्य साकेत विहारिणी,
परम दयामयी दिनोद्धारिणी,
सीता मैया भक्तन हितकारी की।
आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की।

सती शिरोमणि पति हित कारिणी,
पति सेवा हित वन वन चारिणी,
पति हित पति वियोग स्वीकारिणी,
त्याग धर्म मूरति धारी की।
आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की।

विमल कीर्ति सब लोकन छाई,
नाम लेत पावन मति आई,
सुमिरत कटत कष्ट दुखदाई,
शरणागत जन भय हारी की।
आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की।